नई दिल्ली : आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद
मायाराम ने कहा है कि आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति हल्की होगी, पर
लंबे समय को ध्यान में रखकर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लगाम के लिए मांग
और पूर्ति की खाई पाटने का उपाय जरूरी है।
थोक मूल्य पर और खुदरा मूल्य पर आधारित मुद्रास्फीति की दरें नवंबर
में क्रमश: 7.52 और 11.24 प्रतिशत रहीं। मुद्रास्फीति का यह दबाव मुख्य रूप
से सब्जियों तथा प्रोटीन के श्रोत वाले खाद्य उत्पादों की महंगाई की वजह
से है।
आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा, जहां तक खाद्य वस्तुओं की मांग का सवाल
है, तो इस पर कीमत बढ़ने का फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कृषि मंडी
परिषद् कानून में संशोधन की नितांत आवश्यकता है।

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