Wednesday, September 18, 2013

इन्फोसिस ने बाजार में उतारा फिनाकल का नया संस्करण

इन्फोसिस ने बाजार में उतारा फिनाकल का नया संस्करण
नई पेशकश
बैंकिंग सेक्टर के सामने आ रही आईटी इन्फ्रा की चुनौतियों का जवाब देने की तैयारी
फिनाकल 11ई से वैश्विक स्तर पर बैंकिंग कंपनियों को नया सॉल्यूशन देने का दावा

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को अपने बैंकिंग सॉल्यूशन फिनाकल का नया संस्करण लांच किया। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी दखल बढ़ाने के उद्देश्य से यह संस्करण लांच किया है।
इन्फोसिस के वरिष्ठ वाइस प्रेसीडेंट और फिनाकल के ग्लोबल हेड एम. हरगोपाल ने कहा,'फिनाकल 11ई के साथ हमने हर आकार के बैंकों को रिस्क को कम करते हुए फेज्ड मैनर में अपने कामकाज को आधुनिक करने का माध्यम प्रदान करने की कोशिश की है।
यह बैंकों की क्षमता और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर करेगा। यह हर चैनल में प्रभावी होगा।' उन्होंने कहा कि आज की तारीख में 81 देशों के 168 बैंकों में फिनाकल की सेवा ली जा रही है।
और इसी के साथ बैंकिंग से जुड़ी कुल आबादी का 14 फीसदी फिनाकल की सेवा को अनुभव ले रहा है। जून तिमाही के दौरान इन्फोसिस के 11,267 करोड़ रुपये के कारोबार में बैंकिंग सेवा कारोबार की हिस्सेदारी 27 फीसदी रही थी।
हरगोपाल ने कहा,'नई पेशकश  है। यह वैश्विक स्तर पर बैंकिंग की परिस्थिति के हिसाब से मजबूती से कार्य करने में सक्षम है।
नया सॉल्यूशन वैश्विक स्तर पर, खासकर अमेरिका और यूरोप के विकसित बाजारों में फिनाकल के विकास का प्रमुख आधार बनेगा।' घरेलू बाजार में 50 फीसदी से अधिक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक तथा आठ विदेशी बैंक फिनाकल की सेवा ले रहे हैं। फिनाकल के जरिए बैंकिंग से जुड़ी देश की 40 फीसदी आबादी को सेवा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा,'वृहद अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता, नियामकीय खलबली और उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के कारण बैंकिंग के तरीकों में तेजी से बदलाव हो रहा है। हालांकि यह बड़े बदलाव बैंकों के बहुत मुश्किल भरे और खर्चीले भी साबित होते हैं। फिनाकल 11ई बैंकों को इस आधुनिकीकरण में सहायता प्रदान करेगा।
' उन्होंने कहा कि शोधों से यह पता चलता है कि अकेले बैंकिंग तकनीक की दुरुहता को कम करके लाभ में 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हासिल की जा सकती है। आईटी की दुरुहता और कुशलता की कमी बैंकों के आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की सबसे बड़ी बाधा हैं। नया संस्करण इसी चुनौती का जवाब है।

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