लीफोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों पर सरकार की तरफ से करोड़ों रुपए का एक और बोझ पडऩे वाला है। यह बोझ केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से पड़ेगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के किनारे कोई टावर लगाने, वहां केबल बिछाने या फिर खंभा आदि लगाने के लिए लाइसेंस फीस और रिइंस्टेटमेंट चार्ज देना होगा। जाहिर है कि जब टेलिकॉम कंपनियों पर बोझ पड़ेगा तो इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भी भुगतना होगा।
अभी तक टेलिकॉम कंपनियां इसके लिए एक भी पैसा नहीं देती रही हैं। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से इसी महीने सभी राज्यों के पीडब्ल्यूडी सचिव, राजमार्ग मंत्रालय के राज्यों में तैनात चीफ इंजीनियरों, सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अध्यक्ष को जारी एक पत्र में इस बारे में जानकारी दी गई है।

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